'ऐकै अषिर पीव का, पढ़े सु पंडित होइ'-इस पंक्ति द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?

'ऐकै अषिर पीव का, पढ़े सु पंडित होइ'-इस पंक्ति द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?

The answer is :

'ऐकै अषिर पीव का, पढ़े सु पंडित होइ' पंक्ति के माध्यम से कवि यह कहना चाहता है कि संसार में पीव अर्थात् ब्रह्म ही सत्य है। उसे पढ़े या जाने बिना कोई भी पंडित (ज्ञानी) नहीं बन सकता है।

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